परिचय
मराठा साम्राज्य का इतिहास दो शताब्दियों से अधिक का है, जो टूटे हुए दख्खन से लेकर एक उपमहाद्वीपीय शक्ति के रूप में इसके उदय और अंततः इसके पतन तक फैला है। यह समयरेखा प्रमुख मील के पत्थरों को उजागर करती है।
प्रारंभिक पृष्ठभूमि (१६००–१६३०)
- १६००: दख्खन को अहमदनगर, बीजापुर और गोलकुंडा सल्तनतों में बांटा गया
- १६३०: शिवनेरी किले में शिवाजी महाराज का जन्म
- १६३६: मुगलों द्वारा अहमदनगर सल्तनत का पतन
स्वराज्य का उदय (१६४५–१६७४)
- १६४५: तोरणा किले पर कब्जा, स्वराज्य की शुरुआत का प्रतीक
- १६५९: प्रतापगढ़ में अफजल खान की हार
- १६६३: पुणे के लाल महल में शाइस्ता खान पर हमला
- १६६५: मुगलों के साथ पुरंदर की संधि
- १६६६: औरंगजेब द्वारा कैद के बाद आगरा से भागना
- १६७४: रायगढ़ में शिवाजी महाराज का छत्रपति के रूप में राज्याभिषेक
