एक करणी सेना नेतृत्व को लेकर विवाद उज्जैन में उस समय घातक हो गया जब दो प्रतिकूल गुटों ने कनिपुरा क्षेत्र में एक ढाबे पर भिड़ंत की। इस हिंसक टकराव में संगठन के 42 वर्षीय जिला उपाध्यक्ष और ढाबा मालिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए, पुलिस रिपोर्ट के अनुसार।

घटना का अवलोकन

हमलावरों ने कथित तौर पर एक आधिकारिक करणी सेना पद को लेकर बहस के बाद चाकू और तलवारों से लैस होकर हमला किया। मृतकों की पहचान राहुल दरबार, उपनाम विजय प्रताप, 42, निमनवासा के निवासी और जितेंद्र पवार, 35, उंदासा के ढाबा मालिक के रूप में हुई।

पुलिस ने हत्या और दंगा के लिए पांच नामित आरोपियों, जिनमें शक्ति सिंह और सोनू बंजार, के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, साथ ही 15 से 20 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी। यह मामला घायल पक्षों के बयान के आधार पर शुरू किया गया।

घटनाओं का क्रम

पुलिस के अनुसार, यह घटना दरबार और शक्ति सिंह के बीच एक करणी सेना पद को लेकर मौखिक विवाद से शुरू हुई। दोनों समूह लकी दरबार ढाबा पर 2 बजे के आसपास अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए इकट्ठा हुए थे। इस सभा के दौरान, सिंह ने कथित तौर पर दरबार को थप्पड़ मारा, जिसके बाद प्रतिशोधी प्रतिक्रिया हुई।